YOGA : बच्चे योगी होते हैं और बड़े प्रतियोगी

YOGA : बच्चे योगी होते हैं और बड़े प्रतियोगी(जो पीछे छूट गए हैं उन्हें साथ जोड़ना योग है) प्रो अनेकान्त कुमार जैन ,नई दिल्ली   YOGA   YOGA : योग शब्द का मूल अर्थ है जोड़ना । जहाँ बुद्धि पूर्वक जोड़ा जाय वह योग है और जो स्वयं ही जुड़ जाए वह संयोग है । …

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CHATURMAS चातुर्मास के चार आयाम

चातुर्मास के चार आयाम CHATURMAS प्रो.अनेकांत कुमार जैन CHATURMAS चातुर्मास वह है जब चार महीने चार आराधना का महान अवसर हमें प्रकृति स्वयं प्रदान करती है ।अतः इस बहुमूल्य समय को मात्र प्रचार में खोना समझदारी नहीं है । चातुर्मास CHATURMAS के चार मुख्य आयाम हैं – सम्यक् दर्शन ,ज्ञान ,चारित्र और तप । इन …

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SANT NIWAS ‘संत निवास’ – नामकरण से पूर्व जरा सोचें !

sant niwas

SANT NIWAS ‘संत निवास’ – नामकरण से पूर्व जरा सोचें ! प्रो अनेकान्त कुमार जैन ,नई दिल्ली  अक्सर कई तीर्थों आदि धार्मिक स्थानों पर जाने का अवसर प्राप्त होता है । विगत वर्षों में एक नई परंपरा विकसित हुई दिखलाई देती है और वह है – SANT NIWAS संत निवास,संत निलय ,संत भवन , संत …

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Classical language Prakrit

केंद्र सरकार द्वारा घोषित शास्त्रीय भाषा ‘प्राकृत’ का वैभव प्रो अनेकांत कुमार जैन,नई दिल्ली केंद्र सरकार ने हाल ही में भारत की सबसे प्राचीन भाषा ‘प्राकृत’ को शास्त्रीय भाषा Classical language Prakrit का दर्जा प्रदान करके एक ऐतिहासिक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है  । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी स्वयं अपने भाषणों में ,मन की बात में …

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Classical language Prakrit :शास्त्रीय भाषा का दर्जा , प्राकृत भाषा और हमारा कर्त्तव्य

Classical language Prakrit :शास्त्रीय भाषा का दर्जा , प्राकृत भाषा और हमारा कर्त्तव्य प्रो अनेकांत कुमार जैन[1] मा.संपादक- पागद-भासा(प्राकृत भाषा का प्रथम अखबार ) प्राकृत विद्या भवन ,A93/7A,छत्तरपुर एक्सटेंशन,नई दिल्ली-74 9711397716  वर्तमान में भारत सरकार ने ‘प्राकृत’ भाषा को शास्त्रीय भाषा Classical language Prakrit का दर्जा प्रदान किया है ,यह भारतीय भाषा और संस्कृति के …

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Jain Diwali : भगवान् महावीर का निर्वाण  चतुर्दशी को या अमावस्या को ?

Tirthankara Mahavir

Jain Diwali : भगवान् महावीर का निर्वाण  चतुर्दशी को या अमावस्या को ? प्रो.डॉ.अनेकांत कुमार जैन आचार्य-जैन दर्शन विभाग श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली-16 दीपावली भारत का एक ऐसा पवित्र पर्व है जिसका सम्बन्ध भारतीय संस्कृति की सभी परम्पराओं से है ।भारतीय संस्कृति के प्राचीन जैन धर्म में इस पर्व को …

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PAGADA BHASA (The First News paper in Prakrit Language) First Volume Introductory

PAGADA BHASA (The First News paper in Prakrit Language) First Introductory Volume प्राकृत भाषा का प्रथम समाचार पत्र ,पंजीयन से पूर्व का प्रवेश अंक – संपादक – डॉ.अनेकांत कुमार जैन   *पागद भासा* प्राकृत भाषा में अब तक का पहला प्रयास है । यह भारत सरकार के समाचारपत्र पंजीयन कार्यालय में प्राकृत भाषा के प्रथम …

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Prakrit Language प्राकृत और पालि भाषा हमेशा से क्लासीकल थीं : घोषित आज हुईं हैं -प्रो• फूलचन्द जैन प्रेमी, वाराणसी

Prakrit Languageप्राकृत और पालि भाषा हमेशा से क्लासीकल थीं : घोषित आज हुईं हैं प्रो• फूलचन्द जैन प्रेमी, वाराणसी      Prakrit Language केंद्र सरकार ने प्राकृत एवं पालि जैसी प्राचीन भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान करके एक ऐतिहासिक कदम उठाया है । इस हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की नेतृत्त्व वाली …

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HISTORY OF DASHLAKSHAN PARVA :दशलक्षण पर्व की ऐतिहासिकता

DASDHAMMASARO

HISTORY OF DASHLAKSHAN PARVA:दशलक्षण पर्व की ऐतिहासिकता प्रो.अनेकांत कुमार जैन* HISTORY OF DASHLAKSHAN PARVA प्राय: प्रत्येक पर्व का संबंध किसी न किसी घटना, किसी की जयंती या मुक्ति दिवस से होता है। दशलक्षणमहापर्व का संबंध इनमें से किसी से भी नहीं है क्योंकि यह स्वयं की आत्मा की आराधना का पर्व है।दशलक्षण पर्व आत्मा (अंतस) …

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Jain Rakshabandhan:धर्म की रक्षा से भी जुड़ा है रक्षाबंधन

Jain Rakshabandhan:धर्म की रक्षा से भी जुड़ा है रक्षाबंधन डा. अनेकान्त कुमार जैन Jain Rakshabandhan रक्षा शब्द सुनते ही कई बातें सामने आने लगती हैं. राष्ट्र और धर्म की रक्षा ,जीवों की रक्षा ,समाज और परिवार की रक्षा,भाषा और संस्कृति की रक्षा  आदि आदि . रक्षाबंधन पर्व भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है। आम तौर पर भाई के द्वारा बहन की रक्षा और इसके लिए बहन के …

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Jain religion or cast ? जैन धर्म या जाति ? या दोनों ? जनगणना में अनसुलझे प्रश्न ?

हज़ारों युद्ध जीतने की अपेक्षा बस स्वयं को जीत लें – तीर्थंकर महावीर Mahaveera

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Teerthanker Rishabhdeva : तीर्थंकर ऋषभदेव का ‘सनातन’ जैनधर्म

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