भारतीय ज्ञान परंपरा IKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष

IKS भारतीय ज्ञान परंपराIKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष प्राकृत भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की एक ऐसी मूल कड़ी है जिसे समझने और समझाने में मनीषियों ने सैकड़ो वर्षों तक अथक श्रम किया है । कभी भारत की जन जन की मातृ भाषा और जन भाषा से समादृत रही प्राकृत भाषा अपने भीतर भारतीय …

Read more

नंगेपन Nudity को आधुनिकता और दिगम्बरत्व को अश्लीलता समझने की भूल में भारतीय समाज

नंगेपन Nudity को आधुनिकता और दिगम्बरत्व को अश्लीलता समझने की भूल में भारतीय समाज प्रो.डॉ अनेकांत कुमार जैन ,नई दिल्ली दिगंबर जैन सम्प्रदाय के परम आराध्य जिनेन्द्र देव या तीर्थंकरों की खड्गासन मुद्रा में निर्वस्त्र और नग्न प्रतिमाओं को लेकर तथा दिगम्बर जैन मुनियों के नग्न विहार पर खासे संवाद और विवाद होते रहते हैं …

Read more

Charvak Philosophy : चार्वाक : दर्शन की नन्हीं सी जान दुश्मन हजार 

Charvak Philosophy :चार्वाक : दर्शन की नन्हीं सी जान दुश्मन हजार ICPR और भोगीलाल लहेरचन्द इन्स्टीट्यूट ऑफ इण्डोलाजी दिल्ली द्वारा सर्वज्ञता विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार(5/12/25) में वहाँ के यशस्वी निदेशक आदरणीय प्रो विजय कुमार जैन जी ने मुझे Charvak Philosophy चार्वाक दर्शन का पक्ष रखने का आग्रह किया । मैंने उनकी आज्ञा को शिरोधार्य …

Read more

प्राकृत भाषा एवं जैन विद्या के वरिष्ठ विद्वान – ‘प्रो.फूलचंद जैन’ Prof.Phoolchand Jain : एक सचित्र परिचय

प्राकृत भाषा एवं जैन विद्या के वरिष्ठ विद्वान – ‘प्रो.फूलचंद जैन’ Prof.Phoolchand Jain : एक सचित्र परिचय प्राच्य विद्या एवं जैन जगत् के वरिष्ठ मनीषी श्रुत सेवी आदरणीय  प्रो.डॉ. फूलचन्द्र जैन प्रेमी जी Prof.Phoolchand Jainश्रुत साधना की एक अनुकरणीय मिसाल हैं, जिनका पूरा जीवन मात्र और मात्र भारतीय प्राचीन विद्याओं,भाषाओँ,धर्मों,दर्शनों और संस्कृतियों को संरक्षित और …

Read more

अच्छा है हमारी तरह प्रकृति Prakriti एकांतवादी नहीं है

अच्छा है हमारी तरह प्रकृति Prakriti एकांतवादी नहीं है कुछ ,कभी भी ,सब कुछ नहीं हो सकता |प्रकृति Prakriti संतुलन बैठाती रहती है|वह हमारी तरह भावुक और एकान्तवादी नहीं है | हम भावुकता में बहुत जल्दी जीवन के किसी एक पक्ष को सम्पूर्ण जीवन भले ही घोषित करते फिरें पर ऐसा होता नहीं हैं | …

Read more

Kshmavani parva : आत्मा के सॉफ्टवेयर में क्षमा एंटीवायरस इंस्टाल कर के रखिये

विश्व क्षमा पर्व पर विशेष – Kshmavani parva:आत्मा के सॉफ्टवेयर में क्षमा एंटीवायरस इंस्टाल कर के रखिये      प्रो डॉ अनेकान्त कुमार जैन ,नई दिल्ली भाद्र शुक्ला अनंत चतुर्दशी के बाद आश्विन कृष्णा एकम् को क्षमावाणी पर्व विश्व मैत्री दिवस के रूप में इसीलिए मनाया जाता है कि हम सबसे पहले अपने प्रति अन्य …

Read more

Veetraag vigyan and Arham Yoga : ‘वीतराग विज्ञान’ और ‘अर्हं योग’ दोनों  आगम सम्मत वाक्य हैं

Solahkaran bhavna

Veetraag vigyan and Arham Yoga ‘वीतराग विज्ञान’ और ‘अर्हं योग’ दोनों  आगम सम्मत वाक्य हैं प्रो अनेकान्त कुमार जैन अल्पश्रुतं श्रुतवतां परिहास-धाम, त्वद्भक्ति-रेव-मुखरी-कुरुते बलान्माम् । जिनेन्द्र सिद्धांत कोष में आगम को लेकर जिनेन्द्र वर्णी जी ने एक भूमिका लिखी है जो मेरे इस लघु लेख का अभिप्राय  प्रगट करने के लिए पर्याप्त है – ‘जैनागम …

Read more

Solahkaran bhavna : सोलहकारण भावना : दर्शनविशुद्धि की अनिवार्यता  

Solahkaran bhavna

Solahkaran bhavna : सोलहकारण भावना : दर्शनविशुद्धि की अनिवार्यता प्रो.डॉ. अनेकान्त कुमार जैन भूमिका सम्यग्दर्शन मोक्षमार्ग की साधना का पहला सोपान है । तीर्थंकरप्रकृति  की कारणभूत Solahkaran bhavna षोडश भावनाओं में सर्वप्रधान भावना दर्शनविशुद्धि है। क्योंकि दर्शनविशुद्धि ही आत्मस्वरूप संवेदन के प्रति एक मात्र कारण है। सम्यग्दर्शन का अत्यंत निर्मल व दृढ हो जाना ही …

Read more

Top Rated Posts

Recommended Posts

भारतीय ज्ञान परम्परा की संवाहक वैज्ञानिक भाषा संस्कृत Sanskrit

Sanskrit Education : उत्थापकयन्त्रं(lift)स्थापयन्तु, सोपानानि(Stairs)तु मा विनाशयन्तु

जैन धर्म या जाति ? जनगणना में अनसुलझे प्रश्न Jain religion or cast ?

Shrutpanchmi : श्रुततीर्थ विरासत का रक्षक तीर्थंकर कौन है ? Shrutpanchmi

error: Content is protected!