Teerthanker Rishabhdeva : तीर्थंकर ऋषभदेव का ‘सनातन’ जैनधर्म

Solahkaran bhavna

Teerthanker Rishabhdeva तीर्थंकर ऋषभदेव का ‘सनातन’ जैनधर्म                                                                                                 …

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काशी की पाण्डित्य परंपरा के विद्वत्-रत्न हैं :आचार्य फूलचन्द्र जैन प्रेमी Prof.Phoolchand Jain Premi

काशी की पाण्डित्य परंपरा के विद्वत्-रत्न :आचार्य फूलचन्द्र जैन प्रेमी Prof.Phoolchand Jain Premi  प्राचीन काल से ही काशी में विद्वानों की एक समृद्ध परंपरा रही है ,अनेक विधाओं के विद्वान् इसी भूमि पर अपनी साधना करते हुए भारतीय भाषाओँ और विद्याओं का डंका पूरे विश्व में बजाते आ रहे हैं । प्राच्य विद्या एवं जैन …

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A Life Dedicated to Indian Knowledge : The Interdisciplinary Contributions of Prof.Phoolchand Jain ‘Premi’

A Life Dedicated to Indian Knowledge: The Interdisciplinary Contributions of Prof.Phoolchand Jain ‘Premi’ Prof.Phoolchand Jain (Varanasi), an eminent scholar in Jain Philosophy, Classical Prakrit Language & Literature, and Oriental and Indological Studies; has devoted over five decades to the field of Oriental and Indological studies; and has been making continuous efforts for the preservation, and …

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भारतीय ज्ञान परंपरा IKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष

IKS भारतीय ज्ञान परंपराIKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष प्राकृत भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की एक ऐसी मूल कड़ी है जिसे समझने और समझाने में मनीषियों ने सैकड़ो वर्षों तक अथक श्रम किया है । कभी भारत की जन जन की मातृ भाषा और जन भाषा से समादृत रही प्राकृत भाषा अपने भीतर भारतीय …

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नंगेपन Nudity को आधुनिकता और दिगम्बरत्व को अश्लीलता समझने की भूल में भारतीय समाज

नंगेपन Nudity को आधुनिकता और दिगम्बरत्व को अश्लीलता समझने की भूल में भारतीय समाज प्रो.डॉ अनेकांत कुमार जैन ,नई दिल्ली दिगंबर जैन सम्प्रदाय के परम आराध्य जिनेन्द्र देव या तीर्थंकरों की खड्गासन मुद्रा में निर्वस्त्र और नग्न प्रतिमाओं को लेकर तथा दिगम्बर जैन मुनियों के नग्न विहार पर खासे संवाद और विवाद होते रहते हैं …

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Charvak Philosophy : चार्वाक : दर्शन की नन्हीं सी जान दुश्मन हजार 

Charvak Philosophy :चार्वाक : दर्शन की नन्हीं सी जान दुश्मन हजार ICPR और भोगीलाल लहेरचन्द इन्स्टीट्यूट ऑफ इण्डोलाजी दिल्ली द्वारा सर्वज्ञता विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार(5/12/25) में वहाँ के यशस्वी निदेशक आदरणीय प्रो विजय कुमार जैन जी ने मुझे Charvak Philosophy चार्वाक दर्शन का पक्ष रखने का आग्रह किया । मैंने उनकी आज्ञा को शिरोधार्य …

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प्राकृत भाषा एवं जैन विद्या के वरिष्ठ विद्वान – ‘प्रो.फूलचंद जैन’ Prof.Phoolchand Jain : एक सचित्र परिचय

प्राकृत भाषा एवं जैन विद्या के वरिष्ठ विद्वान – ‘प्रो.फूलचंद जैन’ Prof.Phoolchand Jain : एक सचित्र परिचय प्राच्य विद्या एवं जैन जगत् के वरिष्ठ मनीषी श्रुत सेवी आदरणीय  प्रो.डॉ. फूलचन्द्र जैन प्रेमी जी Prof.Phoolchand Jainश्रुत साधना की एक अनुकरणीय मिसाल हैं, जिनका पूरा जीवन मात्र और मात्र भारतीय प्राचीन विद्याओं,भाषाओँ,धर्मों,दर्शनों और संस्कृतियों को संरक्षित और …

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अच्छा है हमारी तरह प्रकृति Prakriti एकांतवादी नहीं है

अच्छा है हमारी तरह प्रकृति Prakriti एकांतवादी नहीं है कुछ ,कभी भी ,सब कुछ नहीं हो सकता |प्रकृति Prakriti संतुलन बैठाती रहती है|वह हमारी तरह भावुक और एकान्तवादी नहीं है | हम भावुकता में बहुत जल्दी जीवन के किसी एक पक्ष को सम्पूर्ण जीवन भले ही घोषित करते फिरें पर ऐसा होता नहीं हैं | …

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