सम्यग्दृष्टि की निर्भयता Fearlessness of Samyagdrishti in the Samayasara

jain muni

Samayasara: Fearlessness of Samyagdrishti in the Samayasara  सम्यग्दृष्टि की निर्भयता प्रो. अनेकांत कुमार जैन ,नई दिल्ली Samayasara Samayasara सम्यग्दृष्टि निर्भय होता है या इसे इस प्रकार भी कह सकते हैं कि जो निर्भय होता है वही सम्यग्दृष्टि होता है । Samayasara ज्ञानी को यह दृढ श्रद्धा होती है कि प्रत्येक द्रव्य स्वतंत्र है ,कोई द्रव्य किसी …

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The principle of karma in Jain philosophy.जैन दर्शन का कर्म सिद्धांत  

KARMA

डॉ.हुकुमचंद भारिल्ल निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त निबंध The principle of karma in Jain philosophy.जैन दर्शन का कर्म सिद्धांत       Prof Anekant Kumar Jain अनेकांत कुमार जैन karma : जैन धर्म ने मनुष्य के सुख तथा दुःख के कारणों की खोज की और पाया कि मनुष्य अपने सुख और दुःख का कारण …

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Kundalpur’s Tirthankar Adinath or Bade Baba: A Reconsideration कुंडलपुर के तीर्थंकर आदिनाथ या बड़े बाबा : एक पुनर्विचार

AADINATH

Kundalpur’s Tirthankar Adinath or Bade Baba: A Reconsideration कुंडलपुर के तीर्थंकर आदिनाथ या बड़े बाबा : एक पुनर्विचार प्रो अनेकान्त कुमार जैन,नई दिल्ली 3/3/22 मैं कभी कभी आचार्य समन्तभद्र के शब्द चयन पर विचार करता हूँ और आनंदित होता हूँ कि वे कितनी दूरदर्शिता से अपने साहित्य में उत्कृष्ट से उत्कृष्ट शब्द चयन पर ध्यान …

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What is the nature of Lord Mahavir’s God ?कैसा है भगवान् महावीर का भगवान् ?

What is the nature of Lord Mahavir’s God ? कैसा है भगवान् महावीर का भगवान् ? प्रो.डॉ अनेकांत कुमार जैन,नई दिल्ली Lord Mahavir’s God महावीर का ईश्वर ईसा पूर्व छठी शती में भारत के वैशाली गणराज्य के कुण्डग्राम में एक ऐसे राजकुमार ने जन्म लिया जो राज्य के शासन में तो जनतंत्र की शुरुआत कर …

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My Autobiography- Lord Mahavir मेरी आत्मकथा – तीर्थंकर  भगवान् महावीर    

“My Autobiography” – Lord Mahavir मेरी आत्मकथा  – तीर्थंकर  भगवान् महावीर       अनेक लोगों ने मेरे जीवन के बारे में बहुत कुछ लिखा है ,वो सब मेरे ज्ञान का विषय बनता रहता है ,अपने बारे में कुछ न कहो तो जो अन्यान्य लेखक लिखते हैं उसे ही मानकर चलना पड़ता है । इसलिए मैं …

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The influence of Lord Mahavir on the religion of Islam तीर्थंकर भगवान् महावीर का इस्लाम धर्म पर प्रभाव

Tirthankara Mahavir

The influence of Lord Mahavir on the religion of Islam भगवान् महावीर का इस्लाम धर्म पर प्रभाव प्रो अनेकांत कुमार जैन,नई दिल्ली तीर्थंकर भगवान् महावीर का सिद्धांत मूलतः अहिंसा, शाकाहार, समन्वय और सदाचार का हिमायती रहा है, उसकी कोशिश रही है कि सभी जीव सुख से रहें, जिओ और जीने दो- जैनधर्म का मूलमंत्र है। जैनधर्म ने …

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CELIBACY OF HOUSEHOLDERS : CHALANGES  AND SOLUTIONS

 CELIBACY

 CELIBACY OF HOUSEHOLDERS : CHALANGES   AND SOLUTIONS                             गृहस्थ ब्रह्मचर्य CELIBACY : वर्तमान चुनौतियाँ और समाधान          (ब्रह्मचर्य अणुव्रत अतिचार के सन्दर्भ में )                                    …

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Tirthankara Mahavir : The youth Icon युवाओं के प्रेरणास्रोत तीर्थंकर महावीर Tirthankara Mahavir

Tirthankara Mahavir

युवाओं के प्रेरणास्रोत तीर्थंकर महावीर Tirthankara Mahavir प्रो.अनेकांत कुमार जैन  Prof.Dr Anekant Kumar Jain Shri Lalbahadur Shastri National Sanskrit University, New Delhi ईसा से लगभग छह सौ वर्ष पूर्व भारत की धरती पर भगवान महावीर Tirthankara Mahavir का जन्म साधना के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी युग की शुरुआत थी। चैत्र शुक्ला त्रयोदशी के दिन वैशाली …

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Tirthankara Mahavir : The influence of Lord Mahavir, the Jain Tirthankara, on India. तीर्थंकर महावीर का भारत पर प्रभाव

Tirthankara Mahavir

Tirthankara Mahavir : The influence of Lord Mahavir, the Jain Tirthankara, on India. तीर्थंकर महावीर का भारत पर प्रभाव प्रो.अनेकान्त कुमार जैन , आचार्य- जैनदर्शन विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली https://youtube.com/@anekantkumarjain भगवान महावीर Tirthankara Mahavir ने ईसा की छठी शताब्दी पूर्व से ही प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव की परम्परा को अक्षुण्ण …

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The primordial deity of Indian culture: Tirthankar Rishabhdev.भारतीय संस्कृति के आदिदेव : तीर्थंकर ऋषभदेव

Tirthankar Rishabhdev

The primordial deity of Indian culture: Tirthankar Rishabhdev. भारतीय संस्कृति के आदिदेव : तीर्थंकर ऋषभदेव Tirthankar Rishabhdev प्रो. अनेकान्त कुमार जैन,नई दिल्ली                    मनुष्य के अस्तित्व के लिए रोटी, कपडा, मकान जैसे पदार्थ आवश्यक हैं, किंतु उसकी आंतरिक सम्पन्नता केवल इतने से ही नहीं हो जाती। उसमें अहिंसा, सत्य, संयम, समता, साधना और तप के …

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Shrutpanchmi : श्रुततीर्थ विरासत का रक्षक तीर्थंकर कौन है ? Shrutpanchmi

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