Jain religion or cast ? जैन धर्म या जाति ? या दोनों ? जनगणना में अनसुलझे प्रश्न ?

    Jain religion or cast ? जैन धर्म या जाति ? या दोनों ? जनगणना में अनसुलझे प्रश्न भारत में वर्तमान में अब जातिगत जनगणना भी होनी है। लगभग सभी जगह जैन धर्मानुयायियों को जाति के कॉलम में भी ‘जैन’ ही लिखने के निर्देश जारी हो रहे हैं – जो मुझे समझ में नहीं आ …

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हज़ारों युद्ध जीतने की अपेक्षा बस स्वयं को जीत लें – तीर्थंकर महावीर Mahaveera

हज़ारों युद्ध जीतने की अपेक्षा बस स्वयं को जीत लें- तीर्थंकर महावीर Mahaveera  प्रो.डॉ.अनेकांत कुमार जैन आचार्य-जैन दर्शन विभाग , दर्शन संकाय श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रिय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली-16 जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान् महावीर Mahaveera का जन्म चैत्र शुक्ला त्रयोदशी के दिन विश्व के प्रथम गणतंत्र वैशाली गणराज्य के कुंडग्राम में …

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Mahaveer Charit महावीर चरित

Tirthankara Mahavir

  Mahaveer Charita महावीर चरित आयरिय- अणेयंतजइणविरइयं तित्थयर-महावीर-चरियं Mahaveer Charita (तीर्थंकर महावीर चरित  )   णमो जिणाणं पुप्फोतराभिहाणा तिेसिलागब्भासाढसिदछट्ठम्मि। अवइण्णमहावीरो तित्थयरो य जइणधम्मस्स ।।१।। स्वर्ग के पुष्पोत्तर विमान से च्युत होकर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन माता त्रिशला के गर्भ में जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान् महावीर अवतरित हुए ।Mahaveer …

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Teerthanker Rishabhdeva : तीर्थंकर ऋषभदेव का ‘सनातन’ जैनधर्म

Solahkaran bhavna

Teerthanker Rishabhdeva तीर्थंकर ऋषभदेव का ‘सनातन’ जैनधर्म                                                                                                 …

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काशी की पाण्डित्य परंपरा के विद्वत्-रत्न हैं :आचार्य फूलचन्द्र जैन प्रेमी Prof.Phoolchand Jain Premi

काशी की पाण्डित्य परंपरा के विद्वत्-रत्न :आचार्य फूलचन्द्र जैन प्रेमी Prof.Phoolchand Jain Premi  प्राचीन काल से ही काशी में विद्वानों की एक समृद्ध परंपरा रही है ,अनेक विधाओं के विद्वान् इसी भूमि पर अपनी साधना करते हुए भारतीय भाषाओँ और विद्याओं का डंका पूरे विश्व में बजाते आ रहे हैं । प्राच्य विद्या एवं जैन …

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A Life Dedicated to Indian Knowledge : The Interdisciplinary Contributions of Prof.Phoolchand Jain ‘Premi’

A Life Dedicated to Indian Knowledge: The Interdisciplinary Contributions of Prof.Phoolchand Jain ‘Premi’ Prof.Phoolchand Jain (Varanasi), an eminent scholar in Jain Philosophy, Classical Prakrit Language & Literature, and Oriental and Indological Studies; has devoted over five decades to the field of Oriental and Indological studies; and has been making continuous efforts for the preservation, and …

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भारतीय ज्ञान परंपरा IKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष

IKS भारतीय ज्ञान परंपराIKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष प्राकृत भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की एक ऐसी मूल कड़ी है जिसे समझने और समझाने में मनीषियों ने सैकड़ो वर्षों तक अथक श्रम किया है । कभी भारत की जन जन की मातृ भाषा और जन भाषा से समादृत रही प्राकृत भाषा अपने भीतर भारतीय …

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नंगेपन Nudity को आधुनिकता और दिगम्बरत्व को अश्लीलता समझने की भूल में भारतीय समाज

नंगेपन Nudity को आधुनिकता और दिगम्बरत्व को अश्लीलता समझने की भूल में भारतीय समाज प्रो.डॉ अनेकांत कुमार जैन ,नई दिल्ली दिगंबर जैन सम्प्रदाय के परम आराध्य जिनेन्द्र देव या तीर्थंकरों की खड्गासन मुद्रा में निर्वस्त्र और नग्न प्रतिमाओं को लेकर तथा दिगम्बर जैन मुनियों के नग्न विहार पर खासे संवाद और विवाद होते रहते हैं …

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