Category : Blog

भारतीय ज्ञान परंपरा IKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष

IKS भारतीय ज्ञान परंपराIKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष प्राकृत भाषा ...

Read More

Charvak Philosophy : चार्वाक : दर्शन की नन्हीं सी जान दुश्मन हजार 

Charvak Philosophy :चार्वाक : दर्शन की नन्हीं सी जान दुश्मन हजार ICPR ...

Read More

अच्छा है हमारी तरह प्रकृति Prakriti एकांतवादी नहीं है

अच्छा है हमारी तरह प्रकृति Prakriti एकांतवादी नहीं है कुछ ,कभी भी ...

Read More

Kshmavani parva : आत्मा के सॉफ्टवेयर में क्षमा एंटीवायरस इंस्टाल कर के रखिये

विश्व क्षमा पर्व पर विशेष – Kshmavani parva:आत्मा के सॉफ्टवेयर में क्षमा ...

Read More
Solahkaran bhavna

Veetraag vigyan and Arham Yoga : ‘वीतराग विज्ञान’ और ‘अर्हं योग’ दोनों  आगम सम्मत वाक्य हैं

Veetraag vigyan and Arham Yoga ‘वीतराग विज्ञान’ और ‘अर्हं योग’ दोनों  आगम ...

Read More
Solahkaran bhavna

Solahkaran bhavna : सोलहकारण भावना : दर्शनविशुद्धि की अनिवार्यता  

Solahkaran bhavna : सोलहकारण भावना : दर्शनविशुद्धि की अनिवार्यता प्रो.डॉ. अनेकान्त कुमार ...

Read More
jain muni

Jain Acharya : मुनि संघ के आचार्य कैसे होते हैं ?

Jain Acharya : मुनि संघ के आचार्य कैसे होते हैं ? प्रो.अनेकांत ...

Read More

Real Yoga सहजता ही वास्तविक योग है

विश्व योग दिवस पर विशेष ….             ...

Read More
Prof Anekant Kumar Jain

IGNORAYNAMAH : जगत की निंदा प्रशंसा से कुछ नहीं होता : ॐ इग्नोराय नमः

IGNORAYNAMAH : जगत की निंदा प्रशंसा से कुछ नहीं होता प्रो.अनेकान्त कुमार ...

Read More

YOGA : बच्चे योगी होते हैं और बड़े प्रतियोगी

YOGA : बच्चे योगी होते हैं और बड़े प्रतियोगी(जो पीछे छूट गए ...

Read More
123

Recommended Posts

काशी की पाण्डित्य परंपरा के विद्वत्-रत्न हैं :आचार्य फूलचन्द्र जैन प्रेमी Prof.Phoolchand Jain Premi

A Life Dedicated to Indian Knowledge : The Interdisciplinary Contributions of Prof.Phoolchand Jain ‘Premi’

भारतीय ज्ञान परंपरा IKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष

PAGADA BHASA पागद भासा (The First Magazine in Prakrit Language ) July – Dec 2025 अंक

PAGADA BHASA पागद भासा(The first magazine in prakrit language ) , जनवरी – जून 2025 अंक

नंगेपन Nudity को आधुनिकता और दिगम्बरत्व को अश्लीलता समझने की भूल में भारतीय समाज

Charvak Philosophy : चार्वाक : दर्शन की नन्हीं सी जान दुश्मन हजार 

Top Rated Posts

Recommended Posts

काशी की पाण्डित्य परंपरा के विद्वत्-रत्न हैं :आचार्य फूलचन्द्र जैन प्रेमी Prof.Phoolchand Jain Premi

A Life Dedicated to Indian Knowledge : The Interdisciplinary Contributions of Prof.Phoolchand Jain ‘Premi’

भारतीय ज्ञान परंपरा IKS में प्राकृत भाषा का नया वर्ष

PAGADA BHASA पागद भासा (The First Magazine in Prakrit Language ) July – Dec 2025 अंक

error: Content is protected!